दुःख का अधिकार

दुःख का अधिकार

यशपाल द्वारा लिखी कहानी ‘दुःख का अधिकार’ आर्थिक असमानता के आधार पर विभाजित समाज की तस्वीर उकेरती है।हमारी वेशभूषा किस तरह से समाज में हमारे अधिकारों को तय करती है यशपाल ने अपनी कहानी में इसी तथ्य को प्रस्तुत किया है। ‘दुःख का अधिकार’ कहानी में उन्होंने उस समाज का उल्लेख किया है जहाँ अमीर और गरीब में अंतर है। जहाँ संपन्न व्यक्ति के दुःख में सभी लोग शामिल हैं तो वही निर्धन को दुःख में आंसू बहाने का भी अधिकार नहीं।

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Source: CIET, NCERT